दरभंगा होकर गुजरेगी बिहार का यह एक्सप्रेस-वे, बढ़ेगी कनेक्टिविटी।
Raxaul-Haldia E will connect Raxaul to Haldia. E-way will pass through Bihar, Jharkhand, and West Bengal and its stretches will be 719 km long.

दरभंगा: आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे के बाद दो और एक्सप्रेस-वे की सौगात बिहार को मिली हैं। जिसके तहत रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे और रक्सौल-हल्दिया और गोरखपुर-सिलीगुड़ी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाना है। इन एक्सप्रेस-वे के बनने से बिहार की कई राज्यों से कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी, वहीं नेपाल तक का भी सफ़र पहले कहीं से ज़्यादा आसान होगा। सबसे बड़ी बात तो यह हैं कि इन दो एक्सप्रेस-वे पर केंद्र सरकार इसी महीने मुहार लगा सकती है। इन दो एक्सप्रेस-वे के निर्माण से तीन राज्यों के साथ सीधा जुड़ाव होगा। मालूम हो की इन एक्सप्रेस वे के अलावा बिहार में पहले ही आमस दरभंगा एक्सप्रेस वे औरंगाबाद से दरभंगा तक बनायी जा रही है । एक्सप्रेस-वे सड़क कच्ची दरगाह, हाजीपुर के कल्याणपुर, समस्तीपुर के ताजपुर से होकर दरभंगा में बेला-नवादा में एनएच-27 मिलकर खत्म हो जाएगा। वहीं इससे बिहार के तीनों एयरपोर्ट दरभंगा, पटना एवं गया की सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। 189 किलोमीटर लंबे आमस दरभंगा एक्सप्रेस वे 119D बनते ही उत्तर से दक्षिण बिहार के बीच की दूरी कम होगी, तो वहीं बेहतर सड़क कनेक्टिविटी बहाल हो जाएगी। एक्सप्रेस-वे का निर्माण चार पैकेज में बांटकर किया जा रहा है ।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे दरभंगा होकर गुजरेगी
बताते चलें कि रक्सौल-हल्दिया और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के लिए प्रस्तावित एलायनमेंट पर एमओआरटीएच की एलायनमेंट कमेटी को इसी महीने फैसला लेना है। इन दोनों एक्सप्रेस-वे के बन जाने से एक साथ तीन-तीन राज्यों से बिहार की कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। मालूम हो कि रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित एलायनमेंट में बिहार के कई जिलों को लाभ मिलेगा, वही गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे का प्रस्तावित एलायनमेंट के तहत इस एक्सप्रेस का बड़ा हिस्सा उत्तर बिहार से गुजरेगा। जो गोरखपुर के रिंग रोड से शूरू होकर वहां से पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतमढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज जिला से होकर पश्चिम बंगाल तक जाएगी।
उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक का सफ़र आसान होगा
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे को आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा, तो वही गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे से उत्तर बिहार के जिलों का उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक का सफ़र आसान होगा । बताते चलें कि रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे छह लेन में बनना है और इसकी लंबाई 650 किमी है। इस सड़क के एलायनमेंट में बिहार का पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सारण, पटना, नालंदा, शेखपुरा, जमुई और बांका जिला शामिल है । रक्सौल-हल्दिया और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे के लिए प्रस्तावित एलायनमेंट के प्रारूप पर Morth की एलायनमेंट कमेटी द्वारा महीने ही कोई निर्णय ले लिया जायेगा, जिसके बाद इसके निर्माण की राह आसान हो चलेगी ।
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